माघ कृष्ण-पक्ष षटतिला एकादशी

व्रत विधि
एकादशी के दिन प्रात: काल उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें| भगवान विष्णु की पूजा करें और व्रत कथा सुनें| एकादशी के दिन किसी व्यक्ति को बुरे वचन ना बोलें| शाम को भगवान विष्णु की पूजा करें और अपनी गलतियों की माफी मांगे| दीप दान दें| द्वादशी के दिन गरीब या ब्राह्मण को दान दें और शुभ मुहूर्त में पारण करें।
व्रत कथा
एक समय नारदजी ने भगवान श्रीविष्णु से यही प्रश्न किया था और भगवान ने जो षटतिला एकादशी का माहात्म्य नारदजी से कहा- सो मैं तुमसे कहता हूँ। भगवान ने नारदजी से कहा कि हे नारद! मैं तुमसे सत्य घटना कहता हूँ। ध्यानपूर्वक सुनो। प्राचीनकाल में मृत्युलोक में एक ब्राह्मणी रहती थी। वह सदैव व्रत किया करती थी। एक समय वह एक मास तक व्रत करती रही। इससे उसका शरीर अत्यंत दुर्बल हो गया। यद्यपि वह अत्यंत बुद्धिमान थी तथापि उसने कभी देवताअओं या ब्राह्मणों के निमित्त अन्न या धन का...
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