फाल्गुन शुक्ल-पक्ष आमलकी एकादशी

व्रत विधि
एकादशी के दिन प्रात: काल उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें| भगवान विष्णु की पूजा करें और व्रत कथा सुनें| एकादशी के दिन किसी व्यक्ति को बुरे वचन ना बोलें| शाम को भगवान विष्णु की पूजा करें और अपनी गलतियों की माफी मांगे| दीप दान दें| द्वादशी के दिन गरीब या ब्राह्मण को दान दें और शुभ मुहूर्त में पारण करें।
व्रत कथा
मांधाता बोले कि हे वशिष्ठजी! यदि आप मुझ पर कृपा करें तो किसी ऐसे व्रत की कथा कहिए जिससे मेरा कल्याण हो। महर्षि वशिष्ठ बोले कि हे राजन्, सब व्रतों से उत्तम और अंत में मोक्ष देने वाले आमलकी एकादशी के व्रत का मैं वर्णन करता हूं। यह एकादशी फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष में होती है। इस व्रत के करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। इस व्रत का फल एक हजार गौदान के फल के बराबर होता है। अब मैं आपसे एक पौराणिक कथा कहता हूं, आप...
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