भाद्रपद कृष्ण-पक्ष अजा एकादशी

व्रत विधि
एकादशी के दिन प्रात: काल उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें| भगवान विष्णु की पूजा करें और व्रत कथा सुनें| एकादशी के दिन किसी व्यक्ति को बुरे वचन ना बोलें| शाम को भगवान विष्णु की पूजा करें और अपनी गलतियों की माफी मांगे| दीप दान दें| द्वादशी के दिन गरीब या ब्राह्मण को दान दें और शुभ मुहूर्त में पारण करें।
व्रत कथा
कुंतीपुत्र युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवान! भाद्रपद कृष्ण एकादशी का क्या नाम है? व्रत करने की विधि तथा इसका माहात्म्य कृपा करके कहिए। मधुसूदन कहने लगे कि इस एकादशी का नाम अजा है। यह सब प्रकार के समस्त पापों का नाश करने वाली है। इस एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु जी की पूजा का विधान होता है। जो मनुष्य इस दिन भगवान ऋषिकेश की पूजा करता है उसको वैकुंठ की प्राप्ति अवश्य होती है। अब आप इसकी कथा सुनिए। प्राचीनकाल में हरिशचंद्र नामक एक चक्रवर्ती राजा राज्य करता...
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