12 महीनो की चौथ

व्रत विधि
इस दिन पाटा पर जल का लोटा, बाना निकालने के लिए चीनी -रुपिया, रोली, चावल, गुड़ और एक गिलास में गेहूँ रखो I फिर लोटा में साथिया बनाओ और तेरह टिक्की दो I तेरह दाना गेहूं का हाथ में लेकर कहानी सुनो I उसके बाद खुद को टीका लगाकर, बाना निकालकर सासुजी को पैर छूकर दे दो I गिलास का गेहूं और रुपिया ब्राह्मणी को दे दो I रात को जब चाँद निकले तब उसी जल के लोटे ( जिससे पूजा की है ) से और तेरह दाना गेहूं से ( जिसे लेकर कहानी सुनी है ) अरग दो I रोली, चावल, और गुड़ चढ़ाओ I फिर खाना खा लो I अपनी बहन – बेटियों का भी बाना निकालकर करवा और रुपिया भेजो I
व्रत कथा
एक समय की बात है कि विष्णु भगवान का विवाह लक्ष्मीजी के साथ निश्चित हो गया। विवाह की तैयारी होने लगी। सभी देवताओं को निमंत्रण भेजे गए, परंतु गणेशजी को निमंत्रण नहीं दिया, कारण जो भी रहा हो। अब भगवान विष्णु की बारात जाने का समय आ गया। सभी देवता अपनी पत्नियों के साथ विवाह समारोह में आए। उन सबने देखा कि गणेशजी कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। तब वे आपस में चर्चा करने लगे कि क्या गणेशजी को नहीं न्योता है? या स्वयं गणेशजी ही नहीं आए हैं?...
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