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गोपाष्टमी

गोपाष्टमी

व्रत विधि

कार्तिक सुदी अष्टमी को ” गोपाष्टमी ” होती है । इस दिन गाय बछड़े की पूजा करो । जल, रोली, मोली, चावल, फूल चढ़ाओ । गुड़, जलेबी, दाल, घास खिलाओ । दीया जलाओ । फेरी दो । आपका मन हो तो व्रत कर लो ।

व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान् ने जब छठे वर्ष की आयु में प्रवेश किया तब एक दिन भगवान् माता यशोदा से बोल्या – मैय्या अब हम बड़े हो गए हैं||||मैय्या यशोदा बोली – अच्छा लल्ला अब तुम बड़े हो गए हो तो बताओ अब के करा |||भगवान् ने कहा – अब हम बछड़े चराने ना जाएंगे, अब हम गाय चराएंगे|||मैय्या ने कहा – ठीक है बाबा से पूछ लेना” मैय्या के इतना कहते ही झट से भगवान् नन्द बाबा से पूछने पहुंच गए||बाबा ने कहा – लाला अभी तुम बहुत...

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